सामर्थ्य गौरव वीरता

 

संगठन गीत

नौजवान जागो रे, नौजवान जागो रे।
दुश्मनों को देश की, जमीन से निकाल दों।।
राश्ट्र का विजय निशान, व्योम में उछाल दो।।
नौजवान जागो रे .........................
शत्रु की चुनौतियों, रोज तो न आयेंगी।
नाजनीन घटियां, रेज कब बुलायेंगी।
खौफनाक बदलियों, रोज तो न छायेंगी।
देश के शरीर में, नवीन रक्त डाल दो।
नौजवान जागों रे ......................... ।।1।।

युद्ध में पछाड़ दो, चीन पाकिस्तान को।
मारकर खदेड़ दो, तोप से शैतान को।
मुक्त करों साथियों, देश के विधान को।
देश के शरीर में, नवीन प्राण डाल दो।
नौजवान जागो रें ......................... ।।2।।

वही सपूत भेंट में, जो हर खुशी चढ़ा सके।
है आदमी वो आदमी, जो आज सर कटा सके।
है जिन्दगी वो जिन्दगी, वतन के काम आ सके।
नाच-नाच युद्ध में, झूम-झूम ताल दो।
नौजवान जागो रें ......................... ।।3।।